किन्नौर की तबाही को सरकार गंभीर नहीं

नाहन (सिरमौर)। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष बलदेव भंडारी ने किन्नौर से लौटने के बाद बताया कि किन्नौर की तबाही को लेकर प्रदेश कांग्रेस सरकार गंभीर नहीं है। क्षेत्र की बागवानी एवं कृषि को अरबों का नुकसान हुआ है, जिसकी सरकार भरपाई करे। भाजपा के आधा दर्जन पदाधिकारी 10 दिन बाद रविवार को नाहन लौटे। वह प्रचार को वहां गए थे। उन्होंने पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री पर निशाना साधा कि सीएम चार दिन सांगला में रुकने के बाद सीधे मंडी चले गए। उन्हें प्राकृतिक आपदा को तरजीह देने के बजाय अधिकारियों को आदेश दिए कि वह समय पर चुनाव करवाएं, जबकि प्राकृतिक आपदा के करीब 10 दिन बाद भी रिकांगपिओ से आगे आज तक बिजली, पेयजल, दूरसंचार, संपर्क मार्ग तो दूर की बात पैदल चलने को रास्ता भी नहीं बचा है। लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों का सामान खत्म हो चुका है। कम से कम सौ लोगों की जान गई है। सैकड़ों मवेशी बह गए हैं। किन्नौर क्षेत्र के लोग ही नहीं, दर्जनों सैलानी जगह-जगह फंसे हैं। आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता समीप के अस्पताल से पर्ची बनाकर ला रहे हैं कि उक्त व्यक्ति को चिकित्सा सुविधा के लिए आईजीएमसी रेफर किया जाए। प्रशासन कांग्रेस के लोगों को प्राथमिकता देकर रामपुर एवं हैलीकॉप्टर से भेज रहा हैं। अन्य लोगों को तीन-तीन दिन हैलीपेड पर आगे जाने का इंतजार करना पड़ रहा है। पंजाब की एक महिला का प्रशासनिक अधिकारियों के साथ रामपुर ले जाने को लेकर विवाद हुआ, उसे हवालात में बंद कर दिया गया। उन्होंने बताया कि किन्नौर के पांगी, कादम, रिब्बा, कांडा, मुरंग, नियो एवं शंकर आदि गांवाे में भारी तबाही हुई है। इस दौरान मोर्चा सदस्य हीरा सिंह ठाकुर, नाहन भाजपा अध्यक्ष दीनदयाल वर्मा, जिला उपाध्यक्ष विनय गुप्ता, देवेंद्र अग्रवाल, विशाल तोमर डा.स्नेह गर्ग, ओपी सैणी, राकेश गर्ग भी मौजूद थे।

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